अन्न संरक्षण

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार दुनिया में खाधान्न संकट तेजी से गहराता नजर आ रहा है l 2050 तक दुनिया भर में अन्न के लिए संघर्ष करना पड़ जायेगा l
       हाल में संयुक्त राष्ट्र ने इस बात पर चिंता जता दी है कि मौजूदा हालात में दुनिया के पास केवल 70 दिन का आनाज है l यूक्रेन पर रूस के हालात भयावह बना दिया है l पहले रुस और यूक्रेन एकसाथ मिलकर दुनिया को एक चौथाई आनाज की आपूर्ति करता था, लेकिन रूस के हमले ने यूक्रेन की सारी व्यवस्थाओं को तहस - नहस ही कर दिया है l पिछले मौसम में रुस में गेंहू की पैदावार काफी अच्छी हूँ.
  दूनिया में जब आबादी का एक बड़ा हिस्सा आनाज की चिंता में दिन गुजार रहा है. तब हमारे देश के आम नागरिकों का नजर अन्न की बर्बादी पर जा रहा है. संयुक्त राष्ट्र के रिपोर्ट के अनुसार हमारे देश का एक तिहाई हिस्सा अन्न की बर्बादी में जा रहा है. यह बर्बादी थाली में अन्न छोड़ देने से होता है या यूँ कहें तो ज्यादा बने हुए भोजन खराब होने से होता है . संयुक्त राष्ट्र ने यह अनुमान लगाया है, प्रतिवर्ष भोजन जितने बर्बाद होते हैं, उससे करीब एक अरब लोगों का पेट भरा जा सकता है. लेकिन हम इन तथ्यों को अनदेखा कर  अपनी दिनचर्या में इसे भी जोड़ कर रखते हैं. 
  भारतीय सामाज में  अन्न की बर्बादी को शुभ नहीं माना जाता है, लेकिन विडंबना है लोग इस आदत को छोड़ते भी नहीं है .  भारत में प्रतिवर्ष इतनी मात्रा में आनाज बर्बाद होती है इससे यह अनुमान लगाया गया है कि,  बिहार जैसे राज्य का एक साल का जरूरत को आराम से पूरा किया जा सकता है. 


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