जिंदगी
जब हारने लगें मन तो उसे समझा लेना
थक कर कभी, मत बैठ जाना तुम
जब हारने लगों, तो अपनी दृढ़ निश्चय को कभी मत भूलना तुम
दौर मुश्किल कितना हो, तुम मुस्कुरा लेना
खुद से किये वादों से, कभी मुकरना मत
राहों में कितनी भी कांटे आए, तुम पीछे कदम बढाना मत
जिंदगी है, तो इम्तेहान तो लेगी ही
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