नया साल में भारत की चुनौतिया
नए साल हमारे सामने एक नई चुनौति से कम नहीं हैं.सबसे पहले तो यह प्रश्न हमारे अंदर खुद उत्पन्न हो रही है क्या हम इस नए साल का स्वागत धूमधाम से कर सकते हैं? या इस नये साल के स्वागत में हमें फिर से नई चुनोतियों का सामना करना होगा... क्योंकि यह साल हमें चुनौतियों सा नजर आ रहा है .. .
सन् 2022 को समूची दूनिया अभूतपूर्व उम्मीदों के वर्ष के तौर पर देख रहा था. पिछले वर्ष कोरोना के कहर के बाद दुनिया जैसे खुद को नई चुनौती के लिए तैयार कर बैठी थी.
कोरोना पिछले महीने से अपने नए वेरिएंट ओमिर्कोन के जरिये फिर से क्षपट्टा मार रहा है, पर वैज्ञानिक हलकों में तय माना जा रहा है कि इस वर्ष यह ' पैडेमिक ' से ' एंडेमिक' में तब्दील हो जाएगा. उम्मीद यह है कि इस वर्ष बचाओ की गोलियां भी बाजार में उपलब्ध हो जाएगी .इसी के साथ यह भी तभी हो जाएगा कि बहुराष्ट्रीय कंपनियां अपनी रीति नीति में बदलाव करेगी या पुराने ढर्रे पर चलेगी .
पिछले 2 वर्षों से समूची दुनिया की आपूर्ति व्यवस्था बाधित हो जाने से सब कुछ अस्त-व्यस्त हो गया है कितने सारी दुकानें ठप पड़ गई हैं .लग्जरी कारें घड़ी तथा कपड़े जैसे दुकान की निर्माण कार्य ठप पड़ गए हैं .ठप पड़ते उत्पादन से चिड़चिडाएं वॉक्सवैगन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और जर्मनी की तत्कालीन चांसलर एंजेला मर्केल ने कहा था कि हमें चीन भारत की फैक्ट्रियों से निर्भरता खत्म करनी पड़ेगी.
यह साल अंतरिक्ष में एक नई होड़ का भी होगा . स्पेसएक्स , ब्लू ओरिजिन और वर्जिन गैलेक्टिक जैसी अमेरिकी कंपनियों ने तो पहले से क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा को हवा दे रखी है पर चीन ने पिछले महीने सबको चौका दिया.उसकी स्पेस शटल में मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों ने पृथ्वी की कक्षा से बहुत परे जाकर स्कूली बच्चों को संबोधित किया . यह अपने आप में अनूठा प्रयास था.
चीन और अमेरिका के बीच चल रही गला काट आर्थिक लड़ाई के भी इस साल अगले मुकाम पर पहुंचने की उम्मीद है क्या हम एक नई शीत युद्ध की ओर बढ़ रहे हैं? ऐसा है तो इसमें भारत की क्या भूमिका होगी? इस साल इन सवालों के अगर पूरे नहीं तो आशिक जवाब मिल ही जाएंगे पर नईदिल्ली के सामने एक और चुनौती है सीमाओं को सुरक्षित रखने की. ड्रैगन हमें चारों ओर से घेर रहा है .2020 की गलवान झड़प हमारी यादों में भले ही धुंधली ह होने लगे परंतु उससे उपजे आशंकाएं कायम है.
यकीनन यह साल आशाओं,आशंकाओ और रोंमाच से भरा हुआ है.
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