मोहब्बत
वैसी मोहब्बत को भी मैंने देखा है
जिसे टूटने में क्षण भर नहीं लगता
जहाँ कमी होती है,
विश्वास और भरोसे की
जहाँ कमी होती है
एक - दूसरे को समक्षने की
हम क्षण भर में न जाने
एक दूसरे से कई वादे कर चुके होते हैं
कृष्ण और राधा की जोड़ी बताने में
नाममात्र देर नहीं होती
परंतु उसी मोहब्बत पर कोई इल्जाम लगा दे
तो बिना किसी देर किए बिना न
जाने उसे क्या - क्या कह जाते हैं
कहाँ जाती है
उस दौरान कृष्ण - राधा की जोड़ी
कहाँ जाती वो भरोसे और विश्वास
कहाँ जाते है वो वादे
उस वादे का क्या हो जाता है...
@ ऐश्वर्या @
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