तुम्हारी तालाश है

तुम्हारी तालाश है... 
इस चांद की चांदनी में
तुम्हारी तालाश है
इस अंधेरी रातों के 
टिमटिमाते सितारों में
तुम्हारी तालाश है..
इस नीले गगन की
 सुनहरी रंग में तुम्हारी तालाश है
इस नींद भरी 
स्वप्नों में तुम्हारी तालाश है
इस भीड़ बनी 
दूनिया  में तुम्हारी तालाश है.. 
इस खोयेपन जिंदगी में
तुम्हारी तालाश है.. 
ना जाने ये सिलसिला कब तक जारी रहेगा
इन आंखों को आज भी 
तुम्हारी तालाश है
... Aish...

Comments

Popular posts from this blog

चिंता महिलाओं के स्वास्थ्य की

धरती बचाने की चुनौती

A responsible father