सवालों के बीच में फंसी मै
मैं और मुझसे उलक्षे हजारों सवाल
न जाने ये सवाल कब खत्म होगें.!
सुबह से रात तक इन सवालों में लिपटी मैं...
कभी - कभी तो लगता हैं
मैं ही उस चक्रव्यूह की अभिमन्यु हूँ
अब इन सवालों के आदत से हो गये हैं!
अब इन सवालों में घिरी मैं
करूँ तो क्या करूँ
अगर इन सवालों के जवाब दूं
तो अरे! इस लड़की के तो संस्कार ही नहीं है
देखों तो कैसे बोल रही
लगता है माता - पिता ने
इसे कुछ सिखाया नहीं है..
मैं और मुझसे उलक्षे सवालों में
मैं जीने का कोई बहाना ढुढ़ लेती हूँ..
अब इन्हीं जकड़े सवालों में खुश
रहने लगी हूँ...
मैं और मुझसे उलक्षे हजारों सवाल
न जाने ये सवाल कब खत्म होगें
$ ऐश्वर्या $
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