मैंने जांच परख कर तुझे चुना था
मैंने जांच - परख कर तुझे चुना था
फिर भी मैंने धोखा पाया.
न जाने मैं तुझसे कितनी उम्मीदें लगा बैठी थी
न जाने तुझप कितना ज्यादा भरोसा कर बैठी थी.
मैंने जांच - परख कर तुझे चुना था
फिर भी मैंने धोखा पाया.
शायद मेरी ही गलती है
मैंने फिर से किसी पे विश्वास किया
न जाने तेरे साथ कितने सारे सपने सजा बैठे थे
मैंने जांच - परख कर तुझे चुना था
फिर भी मैंने धोखा पाया.
$ Aishwarya $
Comments
Post a Comment