नासूर बनती बाल तस्करी

संयुक्त राष्ट्र के अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन ने हाल ही में अपनी एक रिपोर्ट विश्व रोजगार और सामाजिक परिदृश्य रूक्षान  2021 जारी की है, जिसमें कहा गया है कि इस महामारी ने करोड़ों लोगों की नौकरियां छीन ली है.  तथा कई अच्छे - अच्छे परिवार गरीब वर्ग की  में चला गया. गौरतलब है कि अगर ऐसी महामारी नहीं आयी होती तो 3 करोड़ से अधिक लोग को नई नौकरियां मिलती. लेकिन इस महामारी ने न केवल कई लोगों को सड़क पर लाया है, बल्कि यह हमारे देश को भी पीछे की तरफ धकेल दिया है. 
   गरीबी बढ़ने का सीधा असर दुनिया भर में सबसे ज्यादा गरीब बच्चों को होता है. बाल तस्करी की समस्या देश भर में नासूर बनी हुई है. इसमें इजाफा ही हो रहे हैं. इस महामारी में कई बच्चे अनाथ हो गयें, जिनके ऊपर बाल तस्करी की समस्या मंडरा रही है. 
 अनाथ बच्चों को गौद लेने की आड़ में बाल तस्करी की आशंका बढ़ गई है. बच्चे खुद इस महामारी में अनाथ होने से सोशलमीडिया पर गौद लेने की गुहार लगा रहे हैं.

Comments

Popular posts from this blog

चिंता महिलाओं के स्वास्थ्य की

A responsible father

Cancer