तुम चले गए
तुम चले गये लेकिन एक बार पीछे मुड़ कर न देखा, मैं कैसे जी पाऊगी
तुम्हारे बिना हाँ, मैं जीना तो सीख लिया बस एक जिन्दा लास की तरह हाँ मैंने जीना सीख लिया ये सोचकर, शायद कभी तो तुम्हें मेरी याद आयेगी. हाँ, मैंने जीना सिखा लिया तुम्हारी वो छोटी - छोटी यादों में रहकर हाँ तुम्हारी जब भी याद आया करती थी तो हम अपनी साथ वाली तस्वीर देख लिया करती थी. हाँ मैने जीना सीख लिया अपनी दिल को ये तसल्ली देकर , तुम वापस जरूर आवगे हाँ मैने जीना सीख लिया ये सोचकर कभी तो तुम्हें भी मेरी याद आयेगी. हाँ दिल ने बहुत सारे सवाल किये लेकिन मैं उन सारे सवालो को क्षुठा साबित कर ये तसल्ली दे दी एक दिन तुम जरूर आयोग हाँ, मैंने तुम्हारे बिना जीना तो उसी दिन सीख लिया जिस दिन तुम मुझे कोई सारे अनसुलझे सवालों में खड़ा कर दिया था.
Comments
Post a Comment