माँ
माँ शब्द एक लेकिन अर्थ विभिन्न. यूँ कहें तो इसके बिना दूनिया अधूरी है. माँ है तो जिंदगी है. माँ है तो हम है ..
ऐसे कई सारे शब्दों और उसके साथ सुसज्जित फोटो मैंने लोगों का स्टेटस देखा. वही लोगों से मेरी एक प्रश्न है क्या आप ये दिखावा एक ही दिन करते है. या सही में आप इतनी इज्जत हमेशा करते है..
क्योंकि जहाँ तक मेरी अनुमान है कि अगर आप इतनी इज्जत, कद्र हर रोज करते तो शायद वृध्द आश्रम नहीं होते हमारे देश में. क्युं सही कहाँ ना. कभी गौर फरमाइए गा.
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