किप्टोकरेंसी

 किप्टोकरेंसी साधारण भाषा में समक्षे तो डिजिटल करेंसी.  बस थोड़ा सा का अंतर ये है कि इसमें किप्टो शब्द जुड़ गया है. 
  सवाल यह है कि आखिर ये डिजिटल करेंसी क्या होती है? तो डिजिटल करेंसी वह करेंसी जो आंनलाइन दूनिया में उपलब्ध होती है इसे हम हाथ में लेकर छू नहीं सकते. यह पूरे तरह से वर्चुअल होती है.
  किप्टोकरेंसी के ऊपर किसी भी देश की सरकार, केंद्रीय बैंक, प्राइवेट संस्था या किसी भी इनडिविजूअल का कोई निंयत्रित नहीं होता, यूँ कहें तो यह स्वतंत्र होता है.
  अब आपके मन में एक प्रश्न उभर रही होगी.. आखिर फिर इसे नियंत्रित कौन करता होगा, तो आपको बता दे बनाता कोई भी है लिए एक बार अस्तित्व में आ जाने के बाद किसी की भी अपनी प्रोपर्टी नहीं हो जाती इसे कोई नियंत्रित नहीं कर सकता यह खुद नियंत्रित करती है.
  अब सवाल ये है " आखिर कैसे " ? 
   इसकी डिमांड जितनी ज्यादा होती है वैल्यू भी उतनी ही अधिक होती है. इसे लोगों द्वारा लोकतांत्रिक करेंसी की संज्ञा दी जा रही है.
 अब सवाल ये है कि यह सुरक्षित कैसे बनती है? 
Block chain - यह किप्टोकरेंसी का एक तरह से बही - खाता है. ये वास्तविक समय में अपटेड होता है इसमें बेइमानी या फांरवार्ड का कोई अवसर नहीं होता है. 
  किप्टोकरेंसी भविष्य में आने वाली करेंसी है 
इसके बहुत सारे फायदे है.. इस पर किसी प्रकार का कोई नियम लागू नहीं होगा चाहे वो नोटबंदी ही क्यूँ न हो, यह काफी सुरक्षित भी है, यह एक देश से दूसरे देश में काफी असानी से टांन्सफर होगा  तथा ये सरकारी नियमों में बंधे नहीं रहेगा.

Comments

Popular posts from this blog

चिंता महिलाओं के स्वास्थ्य की

प्रताड़ना झेलने को विवश आधी महिलाएँ

लैगिक असमानता में उठते सवाल