टीके की किल्लत

  एक ओर कोरोना संक्रमण के मामले लगातार चिंताजनक बने हुए है और दूसरी ओर इससे निपटने के लिए चिकित्सीय उपायों के मोर्चे पर व्यवस्थागत कमियाँ हालात को और गंभीर बना रही है 
  जहाँ हल लोग इस उम्मीद में बैठे थे टीके कुछ राहत जरूर देगी. आज वही टीके की किल्लत हो गई है,  हमारे देश में. 100 से अधिक केंद्र बंद कर दिये गए हैं क्योंकि को-वैक्सीन खत्म हो गई है. 2 मई को सरकार द्वारा ऐलान कर दी गई 18 से 40 वर्ष के लोग टीके ले सकते हैं परंतु जब वह राजिस्टेशन करने गयेे तो पता चला कि हमारे देश में टीके की पर्याप्त कमी हो गई है. 
   ऐसे में सवाल है सरकार को पहले से ही इतने पर्याप्त टीके रखना चाहिए कि टीके की कमी न हो.
 ऐसे ही अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं की भरपूर कमी है वही महामहिम का सामना करने के लिए टीका एक उम्मीद बन कर आया था उसकी भी हमारे देश में कमी हो गई है.
 दिल्ली सरकार अब इस बात के लिए विपक्षी दलों के निशाने पर है कि आधी - अधूरी तैयारी के साथ 18 - 40 वर्ष के लोगों में टीके की शुरुआत क्युं कर दी. ऐसे में वैसे लोग के लिए चुनौती है जो टीके की एक खुराक ले चुके हैं

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