आंनलाइन शिक्षण की चुनौतियां

 आज विश्व के समक्ष गंभीर चुनौती खडी़  हो गई है. आज जहाँ पूरा देश इस महामारी के चपेट में है वही एक तरफ बच्चों के भविष्य पर संकट मंडराते दिख रहा है. 
  आंनलाइन शिक्षण में भारत के सामने चुनौतियां कम नहीं है. अमेरिका जैसे बड़े देश में भी आज आंनलाइन शिक्षण दी जा रही है. भारत जैसे देश के लिए यह एक समस्या से कम नहीं. क्योंकि यहाँ आज भी बहुत घर में इंटरनेट सुविधा नहीं है और न अभी तक कई गांवों तक इंटरनेट सुविधा का प्रबंध करवाया गया है. अधिकांश छात्र कंप्यूटर, लैपटॉप से वंचित है और जो छात्र मोबाईल का प्रयोग कर रहे है लेकिन उस मोबाईल पर जिस लिपि का उपयोग करते हैं वह रोमन होती है और यह भारतीय भाषाओं के शिक्षण पद्धति के लिए आसान नहीं है. आंनलाइन शिक्षण के अंतर्गत वीडियो कांफेसिंग के लिए गूगल क्लास रूम, गुगल मीट आदि सारे तकनीक है.
   परंतु फिर भी यह एक समस्या से कम नहीं है. गौरतलब है कि यह एक ग्राहक से कम नहीं. जहाँ शिक्षण को भी आंनलाइन पढाने का मन नहीं करता और न बच्चों को. ऐसे आंनलाइन पढाई से आफलाइन शिक्षण प्रणाली की पद्धति कहीं बेहतर है. जहाँ बच्चों का मानसिक के साथ - साथ शारीरिक विकास भी होता है लेकिन आंनलाइन में ऐसा कुछ नहीं है. उल्टा ही बच्चा क्लास ज्वाइन कर नींद मारता है.

Comments

Popular posts from this blog

धरती बचाने की चुनौती

A responsible father

लापरवाही