सावधानी हटी दुर्घटना घटी

  एक पुरानी कहावत है " सावधानी हटी, दूर्घटना घटी "लेकिन कोरोना काल में हम इस कहावत को ही भूल गए. शुरुआत में प्रकोप भी सीमित रहा. हम पहली कोरोना के खिलाफ सजग और सावधान थे. तथा हम ही मन भयभीत भी थे. लेकिन कोरोना की दूसरी लहर आते ही हम इसे मजाक समझ बैठे और लापरवाही बरतने लगे. लेकिन हम यह भूल गए कि जब तक शत्रु पूरी तरह से खत्म न हो जाए जीत अपूर्ण होती है. महाभारत का सबक भी यही है.
  आथिर्क सर्वेक्षण जैसे पूर्वानुमानों ने भी कोरोना के प्रति सरकार और लोगों को लापरवाह बनाया. इस सर्वेक्षण में स्पष्ट तौर पर यह कहा गया कि टीकाकरण शुरू होने के बाद भारत में कोरोना की दूसरी लहर की आशंका खत्म हो जाएगी. तथा हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी ने आत्मनिर्भर की पहल करते हुए हमारे देश में टीकाकरण बनने की निर्णय की तथा उनकी बातों की पहल भी की गई. जैसे- जैसे टीकाकरण बनने की खबर टीवी तथा अखबार में आती गई वैसे - वैसे लोगों में ढिलनता आती गई. आज यह पूवानुमान भी गलत साबित हो रही है. कोरोना की दूसरी लहर पहले वाली लहर से भी ज्यादा भयावह तथा खतरनाक साबित हो रही है. इसे नियंत्रित करना न तो सरकार के हाथ में है और न जनता के. लेकिन अगर सरकार चाहे तो कुछ हद तक इसे नियंत्रित कर सकती है."कुछ हद तक" . 
  लेकिन सरकार पहले की भांति सुस्त नजर आ रही है. अब तो वह भी देश के लिए सोचना बंद कर दी है. जिस तरह 2020 में नये - नये नियम तथा सहायता ला कर लोगों की सेवा की थी अब तो उसमें स्वार्थिपन नजर आती है. ऐसा लगता है मानों उनकी आवाज में कोई समस्या हो गई है या सोचने की शक्ति स्थुल सी पड़ गई है. 
  महामारी की दूसरी लहर को लगता है बुलावा दी गई है और बुलावा देने वाले और कोई नहीं हम मनुष्य और सरकार ही है. भारत में जिस तरह से हरिद्वार में कुंभ का मेला पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, तामिलनाडु, असम, केरल और पुदुचेरी में विधानसभा चुनाव, उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव, एक साल से रूके हुए विवाह आदि समाजिक क्रार्यक्रमो ं ने महामारी को फिर से सिर उठाने का मौका दे दिया. सरकार के लिए आम जनता की जान से ज्यादा महत्वपूर्ण चुनाव थी. कुछ भी हो जाए वो अपनी रैली बंद करना नहीं छोड़गे, चुनाव प्रचार- प्रसार करना बंद नहीं करगे. जिसकी महज आज आम नागरिक को भुगतना पड़ रहा है.
  "दो गज की दूरी मास्क है जरूरी, "" जब तक दवाई नहीं तब तक ढिलाई नहीं जैसे शब्द लफ्फाजी बन कर रह गए. 

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