भारत से ब्राजील तक

भारत में कोरोना के दूसरे लहर डरावने हालात बना दिये है. अमेरिका के बाद भारत सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित बन गया है. महाराष्ट्र और गुजरात की स्थिति दयनीय है. यहाँ कोरोना कहर इतने चरम सिमा पर है कि लांकडाउन लगाने की स्थिति आ गयी है.  गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार उद्धव ठाकरे द्वारा 14 अप्रैल से 30 अप्रैल तक संपूर्ण लांकडाउन लगाने की घोषणा की गयी है. इसमें सिर्फ जरूरी सेवाएं ही खुली रहेगी. कोरोना पर काबू पाने के लिए तेजी से वैक्सीनेशन जरूरी है. पहले के अपेक्षा बच्चे और बढ़े भी संक्रमित हो रहे हैं. 
    विडम्बना है कि पश्चिम बंगाल में अभी भी चुनाव प्रचार- प्रसार कायम है. ऐसे में तो यही लगता है शायद महामारी भी सरकार की इज्जाजत मांग रही है "आयु की नहीं ". जहाँ सरकार दो गज की दूरी बनाने को कह रही है वही सरकार चुनाव के भीड़ में इतनी अंधी हो गई है कि पश्चिम बंगाल की भीड़ का कारण वही बन रही है.
  बहरहाल कि आज संक्रमण की रफ्तार वैक्सीन की रफ्तार से ज्यादा तेज नजर आ रही है. आकड़े देखें तो हफ्ते भर में देश में करीब नौ लाख मरीज की मौत हो रही है तथा हर दसवाँ व्यक्ति में से 6 व्यक्ति संक्रमित पाया जा रहा है. 
 गौरतलब है कि इस समस्या का हल हम इंसान ही कर सकते हैं. हमारी सरकार को हमारे लिए जितना करना था उतना कर चुकी है. ऐसे में अब हमारी जिम्मेदारी है दो गंज की दूरी पर रहे, मास्क पहने, तथा अपने हाथों को धोते रहे.

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