शिक्षा का बजट
दिल्ली सरकार के वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 69 हजार करोड़ का सलाना बजट पेश किया है. जिसमें सबसे ज्यादा तव्वजो शिक्षा और स्वास्थ्य को दी गई है. सरकार ने आम लोगों की सहायता करने के लिए इसपे ज्यादा जोर फरमाया है.
गोरतलब है कि, अरविंद केजरीवाल का सत्ता में एक बार फिर आने का कारण यह है कि उन्होंने आम नागरिकों की सभी मांगे जैसे _ बिजली, पानी जैसे तमाम मुद्दों पर अधिक ध्यान दिया है.ऐसे में सरकार का एक बार फिर फर्ज बनता है कि वह नागरिकों की सभी मांगे तथा जरूरतों को पूरा करें.
दिल्ली सरकार ने शिक्षा की मद में 16 हजार 377 करोड़ रूपये रखें है.यह रकम कुल बजट राशि एक चौथाई बैठती है. आपको बता दे कि हर जगह शिक्षा की व्यवस्था बदल रही है, और ऐसे में तो दिल्ली देश की राजधानी है. वहाँ भी शिक्षा के ढाचे को मजबूत और आधुनिक बनाना जरूरी है. देश - विदेश से लोग यहाँ की यूनिवर्सिटी में दाखिला लेते हैं. ऐसे में यहाँ की स्थिति सही रहना चाहिए. बजट में सरकार ने दिल्ली में एक विश्वविद्यालय और एक विधि विश्वविद्यालय खोलने की योजना है. सरकार इस बात को समझ रहीं है कि जब तक हर बच्चे को गुणवतापरक शिक्षा नहीं मिलेगी तब तक एक अच्छें नागरिक का निर्माण संभव नहीं .
बजट में शिक्षा के बाद सबसे ज्यादा पैसा 9 हजार 934 करोड़ रूपये स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए आवंटित किया गया. दिल्ली में जिस कदर आबादी में बढ़ोत्तरी हो रही है उसके अनुसार स्वास्थ्य सुविधाएं आज भी पर्याप्त नहीं है. बहरहाल कोरोना में ऐसी स्थिति हो गई थी, जहाँ मरीजों को नीचे बैठना पड़ता था. ऐसी स्थिति से बचने के लिए हमें पहले से ही पूर्ण तैयारी के साथ रहना होगा.
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