सोशल मीडिया के नये नियम

सरकार ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग से बचाने के लिए कुछ नये नियम लागू किये है! यूँ कहें तो सरकार ने सोशल मीडिया के लिए एक वैक्सीन खोज निकाली है! अब इस वैक्सीन से यूजर्स को थोड़ी राहत मिलेगी! तथा उन बादमाशों को जो फेक न्यूज फैलाने तथा आपतिजनक तस्वीर वायरल करते थे वे अब सरकार के कानूनों से बच नहीं पायेंगे! सरकार ने उनके लिए बड़ा और क्रांतिकारी फैसला लिया है! दूनिया की आधी आबादी विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म चाहे वो फेसबुक हो, या इन्स्टाग्राम या ट्विटर उससे जुड़े हुए हैं! जब भी आप सोशल मीडिया पर जाते है, तो माहौल बड़ा जहरीला लगता है! हमें फेक न्यूज और सही न्यूज में कोई अंतर समक्ष नहीं आता! फेक न्यूज को भी हमारे सामने इस कदर पेश किये जाते है कि हम भर्मित हो जाते है! ओटीटी प्लेटफार्म पर ऐसे - ऐसे वेब - सीरीज दिखाये जाते है जिसे हम अपने परिवार के साथ बैठकर देख नहीं सकते ! तथा कुछ वेब - सीरीज ऐसे है जिससे हमारे धार्मिक भावनाओं को चोट पहुँचती है! 
    सरकार ने सीमाओं का दायरा खींचते हुए ऐसे क्रांतिकारी दिशा - निर्देश और नियमों का पालन किया है जिससे फेक न्यूज की दूकानें बंद हो जायेगी और मनमानी करने वाली विदेशी टेक्नोलॉजी कंपनियों को भारत की संविधान और कानूनों का पालन करना होगा! अब विदेशी कंपनियां सरकार की कानूनों से बच नहीं पायेंगे! 
    सरकार द्वारा चार गाइडलाइन बनाये गये है ! 
1. सोशल मीडिया प्लेटफार्म को भारत के संविधान और कानून के मुताबिक ही काम करना होगा अगर ऐसी कंपनी जो अपनी मनमानी करती है तथा सरकार की कानूनों का नजरअंदाज करती है उनके खिलाफ जल्द ही बड़ी कानूनी करवाई जायेंगी! 
2. सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शिकायतों के लिए एक अलग से व्यवस्था बनायी जायेंगी! इसके लिए एक शिकायतकर्ता की नियुक्ति अलग से की जायेंगी! अगर कोई व्यक्ति किसी पोस्ट या वायरल मैसेज को लेकर इस कंपनी से शिकायत करता है, तो शिकायतकर्ता की यह जिम्मेदारी है कि 15 दिनों के अंदर में इस समस्या का सामाधान कर दें! 
3. फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर आदि सभी टेक्नोलॉजी कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा उनके यूजर्स की जानकारी, फोटोज और विडियो का गलत इस्तेमाल ना हो ! अगर कोई आपतिजनक तस्वीर अपलोड करता है, तो 24 घंटे के अंदर शेयर करने वाले का अकाउंट बंद हो जायेगा 
4. सरकार ने सोशल मीडिया को दो श्रेणी में बांटा है 
 (a) . पहले श्रेणी में यूजर्स की संख्या करोड़ों में है 
( b). दूसरे श्रेणी में छोटी टेक्नोलॉजी कंपनियों है जिसमें यूजर्स की संख्या कम है!
   यानि कि डिजिटल न्यूज मीडिया में फर्जी और भ्रामक तथ्यों वाली खबरों पर लगाम लगेगी! 

Comments

Popular posts from this blog

चिंता महिलाओं के स्वास्थ्य की

प्रताड़ना झेलने को विवश आधी महिलाएँ

लैगिक असमानता में उठते सवाल