बेलगाम मंहगाई
समान्य स्थितियों में जरूरी चीजों की कीमतों में उतार - चढ़ाव का आम लोगों पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ता! लेकिन जब आय के साधनों की अनिश्चितता छाई हो तो ऐसे में जरूरी उपभोग की चीजों की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी भी भारी तनाव दे जाती है!
आज - कल जिस कदर मंहगाई में बढ़ोतरी हो रही है, इससे लगता है कि हम इस घर की चारदीवारी में ही बंद रह जाये, परंतु इस पापी पेट का क्या? वो हमें रहने देगा अगर रहे भी तो कितने दिनों के लिए! लेकिन हां हम इस पेट्रोल _ डीजल की समस्या से बच जायेंगे! अब तो अपने वाहन शो - पिस की भांति लगने लगे है! वाहन खरीदना हमारे लिए जितनी बड़ी समस्या नहीं है उससे बड़ी समस्या है इसे सड़को पर उतारना! कभी - कभी तो दिल पर हाथ रख वाहन को सड़कों पर लाना पड़ता है! कारण है, कहीं हमारी गाड़ी यूँ ही रखें जंग ना लग जाये! हमारे लिए जितनी बड़ी समस्या वाहन खरीदना नहीं है उससे बड़ी समस्या है उसे चालाना जिसका एक _ मात्र कारण है ' मंहगाई '!
विडम्बना है कि मंहगाई में जिस प्रकार से इजाफा हो रहा है वही हमारी तनख्वाह एक एक स्थान पर आ कर रुक सी गई है! यूँ कहें तो पूणविराम हो गई है ! प्याज के दामों में हुई वृद्धि मंहगाई बढाने में सहयोगी का काम किया है! अगर हमारे रसोई में कुछ ना हो परंतु फिर भी आलू, प्याज सबके घरों में जरूर रहता है! किसी भी सब्जी को बनाने में प्याज एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है! यू कहें तो यह एक कमजोरी है, इसके बिना सब्जी अधूरा - अधूरा लगता है! मंहगाई में बढ़ोतरी होने का कारण है, वे मौसम बारिश! किसी राज्य में जब बारिश अपने लिमिट प्वाइंट से आगे बढ़ जाता है तो यह हमारे लिए सभी प्रकार से घातक सिद्ध होता है! सबि्जयों के दाम आसमान छूने लगते हैं! इसमें जो फायदा होती है किसी की तो वो है बिचोलियों! इन दिनों इन्हीं कि पांकिट भारी होते हैं!
उत्तर- प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तो इलैक्ट्रिक स्कूटी चलाकर मंहगाई का विरोध किया है! लेकिन केंद्र सरकार में बैठे सारे नेता इन दिनों मूर्ति की भांति प्रतित हो रहें है कोई सुगबुगाहट नहीं है इनमें!
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