चिंता के आकड़े

      पिछले कुछ दिनों में महाराष्ट्र और केरल सहित देश के कुछ राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामलों में आचानक आई तेजी ने फिर से चिंता बढ़ा दी है! कई जिलों में फिर से पूर्णबंदी लगाई जा रही है! अमरावती और केरल जैसे राज्यों फिर से पूर्णबंदी लगाई गई है! पूणे में हफ्ते भर के लिए शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए और नाशिक में अडतालिस घंटे का कर्फ्यू लगा दिए गए हैं! सभी देश एक - बार फिर सचेत हो गए है! कर्नाटक जैसे राज्यों ने केरल वाली बांडर को सील कर दिया है ! 
     हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि कोरोना का प्रथम केश पिछले साल फरवरी में केरल में मिला था! एक पखवाड़े पहले तक देश में संक्रमितो की संख्या में काफी कमी आ गई थी  तथा हम ऐसे बेफिक्र हो गयें थे मानों जैसे ये कोरोना हमें अलविदा कह कर गया हो! कोरोना प्रोटोकॉल क्या है जैसे शब्द तो भूल ही गये थे! ऐसे भी हम महामारी से मूक्त होने की तरफ अपने कदम बढाने लगे है! हम मास्क  न पहनना, दो गंज की दूरी का पालन न करना जैसे एहतियात में ढीलपनता लाना शुरू कर दिए है... जिसका कारण वैक्सीन! मानों अब लगता है लोगों ने तो कोरोना को  अब धमकी देना शुरू कर दिए है, ' कोरोना अब तू हारेगा और हम जीतेंगे! परंतु वे यह भूल रहे है वो ऐसे शब्द बोल कर अपने ही प्राण संकट में डाल रहे है! जो वह वैक्सीन के आते ही इठला रहे है, वह वैक्सीन पूरी आबादी तक पहुंचने काफी समय लग जाएगें तब तक लोगों को वो सारे एहतियात बरतने होंगे! 
     इधर   पश्चिम बंगाल, तामिलनाडू और केरल में तो विधानसभा की तैयारियां चल रही है और वहाँ चुनावी सभाओं में कोरोना प्रोटोकॉल की खुल्लेआम धज्जियां उड़ रही है!  

Comments

Popular posts from this blog

चिंता महिलाओं के स्वास्थ्य की

A responsible father

Cancer