चोट पर वोट

पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार- प्रसार में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी घायल हो गई थी. आपको बता दे कि यह घटना नंदीग्राम में हुआ था. जहाँ से उन्होंने बुधवार को नामांकन दाखिल किया. उन्होंने कुछ लोगों पर यह आरोप लगाते हुए कहा है कि मैं पब्लिक मिटिंग कर रही थी, उस दरम्यान वहाँ कोई पुलिस नहीं थी जिस कारण कुछ लोगों ने जानबूझकर मेरे पैरों को कुचल दिया. ममता बनर्जी ने न केवल पैर वरन उन्होंने सिने में दर्द होने की भी शिकायत की है.
    गौरतलब है कि यहाँ "चोट पर वोट " लेने की कोशिश की जा रही है. पश्चिम बंगाल में राजनीति विज्ञान के उस सिद्धांत पर काम शुरू हो चुका है. जिसमें लोगों की सहानुभूति बटोकर चुनाव के नतीजे उलट दिये जाते हैं और नेताओं के रिपोर्ट कार्ड पर सिमपैथीं कार्ड हावी हो जाते है. पश्चिम बंगाल में भी ऐसा ही कुछ होने वाला है. ममता बनर्जी अपने इस चोट के जरिये लोगों की सहानुभूति बटोरना शुरू कर दी है. इन दिनों वह स्टे्कचर पर बैठ चुनाव प्रचार- प्रसार कम लोगों की सहानुभूति ज्यादा बटोरती नजर आ रही है. क्योंकि जनता भी अब उनसे प्रश्न करना उचित नहीं समझ रही. 
  उनका यह विडियो पूरे भारत में फैला दिया गया है और तृणमूल क्रांग्रेस जिस तरीके से बहुत बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है इससे लगता है कि चोट तो है, लेकिन यहाँ चोट पर वोट लेने की कोशिश की जा रही है. जिस तरह  इस चोट को पूरे मक्खन - मलाई के साथ जनता के सामने पेश की जा रही है इससे यह लगता है कि "दाल में कुछ काला " है. क्योंकि हमारे देश में लोग थोड़ी - थोड़ी भावुकता वाले सिरियल पर भावुक हो जाते है. आज जनता की इसी भावुकता को राजनीति में मुख्य हथियार बना कर उपयोग किये जा रहे हैं.
    क्योंकि इससे पहले भाजपा नेताओं पर हमला हुआ था तो ममता बनर्जी ने उनकी खबर लेना भी उचित नहीं समझा तथा  उल्टे ही उन्होंने कहा है कि यह हमला नहीं यह एक राजनीतिक नाटक है.
 ऐसे में क्या हुआ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को की अपने चोट नजर आने लगे.
  इधर नरेंद्र मोदी बंग्लादेश यात्रा पर निकले है. जिसे राजनीतिक रूप से देखा जा रहा है. अगर पश्चिम बंगाल में चुनाव ना होते तो नरेंद्र मोदी इतने मसक्कत भी नहीं करते. नरेंद्र मोदी धीरे_ धीरे पांव पासरना शुरू कर दिये है. नरेंद्र मोदी मतुया  मतदाताओं को रिक्षाने के लिए अब क्रांडी दौर पर ज्यादा जोर दे रहे हैं.
आपको बता दे कि पश्चिम बंगाल में चुनाव 27 मार्च से अंतिम दौर के मतदान के साथ 27 मार्च से शुरू होने वाले आठ चरणों में होंगे तथा मतों की गिनती 2 मई को होगी.
  

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